क्या वाकई आने वाला युग आयुर्वेद और जैविक खेती का है?AKVS Herbal Group द्वारा प्रस्तुत
भूमिका आज पूरी दुनिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ स्वास्थ्य, पर्यावरण और आर्थिक स्थिरता सबसे बड़ी चिंता बन चुके हैं। रासायनिक दवाओं और रासायनिक खेती से होने वाले दुष्प्रभावों ने मानव समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे समय में आयुर्वेद और जैविक खेती केवल विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता बनकर उभर रहे हैं। 1. क्यों बढ़ रहा है आयुर्वेद की ओर रुझान? बढ़ती जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ दवाओं के साइड इफेक्ट से लोगों की चिंता इम्युनिटी और रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर जोर आयुर्वेद केवल इलाज नहीं करता, बल्कि शरीर, मन और जीवनशैली में संतुलन लाता है। यही कारण है कि भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, यूरोप और एशिया में भी आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। 2. जैविक खेती – मजबूरी से अवसर तक रासायनिक खेती ने जहां तत्काल उत्पादन बढ़ाया, वहीं लंबे समय में: मिट्टी की उर्वरता घटाई जल स्रोतों को प्रदूषित किया मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाला इसी कारण आज सरकार, वैज्ञानिक और बाजार तीनों जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। जैविक उत्पादों की कीमत सामान्य उत्पादों से अधिक मिलती है, जिससे कि...